जसोल/बालोतरा : शुक्रवार को जसोलधाम में एक अतिविशेष आध्यात्मिक अवसर बना जब ख्याला मठ, म्याजलार (जैसलमेर) के पूज्य महंत श्री श्री 1008 महंत श्री गुरु गोरखनाथ जी महाराज श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान (जसोलधाम) में पधारे। उनके आगमन पर मंदिर संस्थान एवं स्थानीय श्रद्धालुओं की ओर से भव्य स्वागत, सम्मान एवं अभिनंदन किया गया।
विधिवत दर्शन एवं पूजा अर्चना
गुरु श्री गोरखनाथ जी महाराज के जसोलधाम पधारते ही वैदिक परंपराओं के अनुसार विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विशेष पूजा-अर्चना की गई। गुरु गोरखनाथ जी महाराज ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरव जी के मंदिरों में विधिवत दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
संस्थान अध्यक्ष के कार्यों एवं व्यक्तित्व की प्रशंसा
गुरु महाराज ने मंदिर परिसर की दिव्यता, भव्यता और भक्तों के लिए समर्पित भाव से चल रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि श्री राणीसा भटियाणीसा की असीम कृपा और संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के मार्गदर्शन में जसोलधाम का कायाकल्प हो गया है। पहले भी जसोल आ चुका हूं, पर आज जो विकास देखा, वह हजारों-लाखों गुना है। यह स्थान अब एक आध्यात्मिक स्वर्ग बन चुका है। उन्होंने रावल श्री किशन सिंह जी जसोल की कार्यशैली और व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए बताया कि उनसे मेरी पहली मुलाकात कस्टम विभाग, जोधपुर में हुई थी। उनका व्यक्तित्व बेदाग रहा है, और अब वही निष्ठा व समर्पण लेकर वे मालाणी क्षेत्र का भी सतत विकास करवा रहे हैं।
शुभ अवसर पर उपस्थित रहे
इस शुभ अवसर पर संस्थान सचिव गजेंद्रसिंह जसोल, समिति सदस्य गुलाबसिंह डंडाली एवं देवीसिंह कितपाला, पवनकुमार सिंह सिंहड़ार, पूर्णसिंह डंडाली, मीडियाकर्मी एवं अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
स्मरणीय पल
गुरु गोरखनाथ जी महाराज की पावन उपस्थिति ने जसोलधाम में श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था के अद्भुत संगम में नया संचार किया, जो जसोलधाम के इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में सदा स्मरणीय रहेगा।